इपिलिप्सी/ मिर्गी में दोरों के लिए एक्यूप्रेशर चिकित्सा

मिर्गी के दौर के समय रोगी को कई प्रकार के लक्षणों से सामना करना पड़ता है, दुःख की बात यह है की मोर्डेन मेडिसिन (अंग्रेजी दवा) में इपिलिप्सी/ मिर्गी में दोरों का कोई उपचार नहीं है, रोगी जल्दी सही होने के लिए मोर्डेन मेडिसिन की तरफ जाता है जिससे उसको जल्दी आराम तो मिल जाता है लेकिन साइड-इफेक्ट भी झेलने पड़ते हैं, कई बच्चे मोर्डेन मेडिसिन लेते लेते आटिज्म का शिकार हो जाते हैं जो की एक बहुत ही गंभीर बीमारी है | होमियोपैथी उपचार से हमने पाया है की जो लाभ मोर्डेन मेडिसिन से 5-5 साल दवा लेने के बाद भी रोगी को नहीं मिला साथ ही दवा के चलते सोचने समझने की शक्ति भी खो दी वो लाभ रोगी को होमियोपैथी उपचार से 6 से 1 साल के अन्दर देखने को मिला | आप हमारे फेसबुक पेज और youtube चैनल पर ऐसे रोगियों की विडियो देख सके हैं |

हमारा क्लिनिक पहला ऐसा क्लिनिक है जो होमियोपैथी उपचार के साथ साथ एक्यूप्रेशर थेरपी , नेचुरोपैथी, फूड सप्लीमेंट और मसाज थेरेपी देता है | एक्यूप्रेशर थेरपी और मसाज थेरपी के लिए माता पिता को तैयार किया जाता है जिससे रोगी को घर पर ही लाभ मिल सके और रोगी जल्दी से जल्दी ठीक हो सके | होमियोपैथी उपचार के साथ साथ ये थेरपी देने से हमने पाया की रोगी को 100% लाभ मिलता है |

मिर्गी में दोरों के लिए एक्यूप्रेशर चिकित्सा

इसमें 3 पायंट्स मुख्य होते हैं |

•    1st Point- छोटी फिंगर और रिंग फिंगर के बीच की लाइन में दोनों हाथो की रिस्ट में ये पॉइंट होता है |

Convulsions (fit/epilepsy) point 1

•    2nd Point- हमारे दोनों पैरो में ये पॉइंट होता है | मिर्गी के साथ साथ ये कमर दर्द में बहुत लाभ करता है |Lung Point

•    3rd Point- यह पॉइंट नाक के नीचे और ऊपर के होंठ के बीच होता है |

Convulsions (fit/epilepsy) point 3

किस प्रकार से थेरपी देनी है ?

यह थेरपी आप घर पर दे सकते हैं, हर एक पॉइंट्स पर उतना प्रेशर दें जितना दर्द बर्दाश्त किया जा सकते पॉइंट को प्रेस करते समय पॉइंट को  मूव (ऊपर-नीचे, दायें-बाएं गोलाई में क्लॉकवाइज़ एंटी-क्लॉकवाइज़) भी करना है | साथ ही पूरी बॉडी को मसाज दें ताकि ब्लड सरक्यूलेशन अच्छे से शरीर में हो |

आटिज्म और इपिलिप्सी से पीड़ित बच्चो को एक्यूप्रेशर थेरपी कैसे दें ?

इन बच्चो के साथ बहुत ही सावधानी से ये थेरपी देनी होती है कुछ बच्चे दर्द को बता सकते हैं लेकिन कुछ बच्चे मोर्डेन मेडिसिन के साइड-इफ़ेक्ट के चलते इनता गंभीर रूप से आटिज्म का शिकार हो जाते हैं की वो अपने सारे सेन्स खो देते हैं  तो ये थेरपी/प्रेशर देने से पहले माता पिता खुद पर ये प्रेशर दें जिससे अंदाजा लगाया जा सके की कितना प्रेशर देना है | इन बच्चो को रोज मसाज थेरपी दें और दिन में कम से कम 10 बार प्रेशर पॉइंट्स को उत्तेजित (STIMULATE) करें |

मसाज थेरपी कैसे दें ?

मसाज थेरपी देते समय आप 10 मिनट ऊपर से नीचे की और तथा 10 मिनट नीचे से ऊपर की और मसाज करें | समय को आप अपने आप घटा बढ़ा सकते हैं |

मिर्गी में दोरों और आटिज्म का उपचार कराने के लिए वेबसाइट पर दिए नम्बर पर काल या व्हाट्स एप्प करें |

 

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