जन्मजात रोगों(Congenital disorder- Birth disorder) का उपचार होमियोपैथी में कैसे होता है ?

जन्मजात रोगों(Congenital disorder-Birth disorder) का उपचार होमियोपैथी में ही संभव है |

जन्मजात रोगों(Congenital disorder) के उपचार के लिए माता की गर्भकाल के दोरान हुई सारी घटनाओं की जानकारी ली जाती है, जन्मजात रोगों(Congenital disorder) अकसर उन्ही बच्चो में देखा गया है जिनकी माता को गर्भकाल के दोरान कोई बड़ी शारीरिक या मानसिक परेशानी रही हो|

मान लीजिये कोई बच्चा जन्म से सुन नहीं सकता है तो माता को गर्भ-काल में 3 हफ्ते से 10 हफ्तों के बीच कोई ना कोई छोटी या बड़ी मानसिक या शरीरिक परेशानी का सामना करना पडा होगा जिसके कारण बच्चा जन्म से सुन नहीं सकता, और यही कारण है की जब वो सुन नहीं सकता तो बोल भी नहीं सकता| एम्ब्रियोलोजी के अनुसार 3 हफ्ते से 10 हफ्तों के बीच गर्भ में बच्चे के कानो का विकास होता है |

उदाहरण 1 - नीचे दी गई विडियो में बच्ची को जन्म से दौर पड़ते थे साथ ही मानसिक तोर पर शून्य (आटिज्म) थी, 5 साल एलोपैथी उपचार लेने के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ, माता पिता ने फिर होमियोपैथी उपचार लिया | जब बच्ची की माता की गर्भकाल के दोरान हुई परेशानियों के बारे में जानकारी ली गयी तो हमे मिला की जब बच्ची गर्भकाल में थी तो माता की भाई की एक्सीडेंट में मृत्यु हो गई थी |भाई की मृत्यु को असर माता पर क्या हुआ ये जानना बहुत जरुरी था क्यूंकि जैसा माता महसूस करती है वैसे ही गर्भ में शिशु महसूस कर सकता है, माता से कई बार पूछने पर बताया की उस समय माता को बहुत डर महसूस हुआ था जबकि नॉर्मली सभी को बहुत दुःख होता और माता ने उस समय डर महसूस किया जो की लम्बे समय तक बना रहा, इसी का प्रभाव बच्ची पर पड़ा | इसी को आधार बनाते हुए और बच्ची के बाकी लक्षण लेते हुए जो होमियोपैथी मेडिसिन दी गई उससे 8 महीने में वो लाभ दिखा जो एलोपैथी में न्यूरोलॉजिस्ट और चाइल्ड स्पेस्लिस्ट से 5 साल उपचार लेने के बाद जो लाभ नहीं दिखा |

उदाहरण 2- नीचे दी गई विडियो में बच्चे को थाइरोइड की समस्या है और सीटी स्कैन में दिमाग छोटा (ATROPHY) है, इसकी माता की गर्भकाल की दोरान हुई परेशानियो को ध्यान में रख कर होमियोपैथी मेडिसिन दी गई जिससे सिर्फ 2 महीने में ही वो लाभ दिखा जो एलोपैथी से 1 साल नहीं दिखा |

इसी के आधार पर जन्मजात रोगों(Congenital disorder) का उपचार किया जाता है, यह भी देखने में आया है कि कुछ बच्चे जन्म से बिलकुल ठीक होते हैं लेकिन जन्म के कुछ महीनो बाद किसी भयंकर रोग के शिकार हो जाते हैं, उन बच्चो का उपचार भी इसी अधर पर किया जाता है साथ ही जन्म से लेकर रोग होने तक की पूरी हिस्ट्री माता पिता से ली जाती है ताकि पता लगाया जा सके की रोग होने का मुख्य कारण क्या है जिसके आधार पर होमियोपैथी मेडिसिन का चयन किया जा सके | इनके अलावा ऐसे बहुत से पॉइंट्स होते हैं जिनके आधार पर उपचार किया जाता है |

अगर आपका बच्चा ऐसे किसी भी रोग से पीड़ित है जो की जन्म से हो या जन्म के बाद तो आज ही होमियोपैथी उपचार शुरू कर दें, आपको निराशा नहीं मिलेगी | उपचार शुरू करने के लिए वेबसाइट पर दिए गए नम्बर पर व्हाट्सएप्प करें,  अपने शहर का नाम व् रोग, रोगी की उम्र साथ में लिखें | अगर आप कॉल करना चाहते हैं तो क्लिनिक के समय पर सुबह 10 बजे से 2 बजे व् सायं 4 बजे से 8 बजे तक करें |

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