Nil Sperm / निल स्पर्म / Azoospermia

आज हमारे देश में सबसे बड़ी समस्या उन शादीशुदा युवको की हैं जो किसी कारण वश संतान पैदा करने में असमर्थ हैं । शादी के एक वर्ष हो जाने तक संतान नही होना दुखद विषय हो जाता हैं |

ऐसे में क्या करें ?

पुरुष को सर्वप्रथम अपने वीर्य की जाँच करवानी चाहिए, जांच रिपोर्ट आने पर अगर पता चले की निल स्पर्म (शुकाणु शून्य) हैं तो घबराने की कोई जरुरत नहीं है ! कोई भी दवा शुरू करने से पहले आप बिना समय बर्बाद किये लैब पर जा कर एक अंडकोष की BIOPSY टेस्ट करवाए | यदि BIOPSY टेस्ट में स्पर्म (शुक्राणु) नहीं आये तब आप कह सकते हैं की निल स्पर्म हैं अन्यथा नही !

निल स्पर्म के लिए होने वाली पूरी जांच यहाँ क्लिक करें 

BIOPSY टेस्ट में स्पर्म निल आयें तब क्या करें|

जब BIOPSY टेस्ट स्पर्म निल आ रहें है तो घबराएं नहीं क्यूंकि होमियोपैथी उपचार से 3 से 9 महीने के भीतर स्पर्म बनना शुरू हो जाते हैं | अगर BIOPSY टेस्ट में अंडकोष के सेल्स बिलकुल ठीक हैं तो स्पर्म बनने में कोई समस्या नहीं होगी होमियोपैथी मेडिसिन के बाद सबसे पहले स्परमेटोजोआ का निर्माण होना शुरू होगा और अगर स्परमेटोजोआ बनना शुरू हो गया है तो वीर्य की जांच में स्पर्म आने शुरू हो जायेंगे और रोगी को पिता बनने को सोभाग्य प्राप्त होगा |

BIOPSY टेस्ट में स्पर्म आयें लेकिन वीर्य में ना आयें तब क्या करें|

इस परिस्थिति में पहले रोगी को चैन की सांस लेनी चाहिए क्यूंकि स्पर्म बन रहें है लेकिन वीर्य जांच में नहीं आ रहे हैं जिसका मतलब है की रोगी की वो नली (संवहन नलिका) ब्लाक है जो स्पर्म को वीर्य तक ले कर जाती है इसका उपचार करना बहुत ही सरल है और होमियोपैथी उपचार से कई बार 1 महीने में ही नली ओपन हो जाती है | नली की ओपन होते ही वीर्य में स्पर्म आने शुरू हो जायेंगे और रोगी को पिता बनने को सोभाग्य प्राप्त होगा |

निल स्पर्म के लिए होमियोपैथी उपचार

होमियोपैथी में हर रोग का जड़ से उपचार संभव है ! रोगी की शारीरिक मानसिक पुराने रोग परिवार में चले आ रहे रोगों को ध्यान में रख कर दवा का चयन किया जाता है जिससे शुक्राणु बनना शुरू हो जाते हैं !

होमियोपैथी उपचार कराने के लिए वेबसाइट पर दिए नंबर पर संपर्क करें या कमेंट करें |

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