वजन घटाने के होमियोपैथी उपाय

एक योग्य होम्योपैथिक चिकित्सक आपके शारीरिक एवं मानसिक लक्षणों आदि को जानने के बाद आपके लिए होम्योपैथी की सही दवाई, सही शक्ति में निर्धारित करते हैं। अत: किसी योग्य होम्योपैथिक चिकित्सक की सलाह के बिना होम्योपैथिक दवाईयों का सेवन करने से सही परिणाम सामने नहीं आते हैं और होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति बदनाम होती है!

मोटापे के लिए होम्योपैथी:

होम्योपैथिक चिकित्सा मोटापा एवं उसके विभिन्न पहलुओं का उपचार करता है। इन दवाओं से पाचन क्रिया सुदृढ़ होती है, चयापचय की क्रिया अच्छी होती है, जिसकी वजह से मोटापा कम होता है।
वजन घटाने के लिए कई लोग होम्योपैथी उपचार का सहारा लेते हैं। वजन घटाने के लिए होम्योपैथिक उपचार को सुरक्षित माना गया है एवं यह सभी उम्र के लोगों के लिए कारगर एवं उपयुक्त होता है, क्योकि ये बहुत ही कोमल और पतले होते हैं और आमतौर पर इनका शरीर पर कुप्रभाव नहीं होता।

आप वजन घटाने के लिए यदि कोई अन्य प्राकृतिक पूरक या उपचार ले रहे हैं तो भी आप होम्योपैथिक दवाइयां ले सकते हैं, क्योंकि यह दूसरे उपचार में न तो अवरोध पैदा करता है न हीं बुरा प्रभाव डालता है।

वजन घटाने के लिए होम्योपैथी में कई प्रभावी उपचार उपलब्ध हैं। वजन घटाने से पूर्व एक महत्वपूर्ण बात पर विचार अवश्य कर लेना चाहिए कि आप कितने मोटे हैं तथा आपको कितना वजन घटाने की जरूरत है। इसके लिए आपको होम्योपैथिक चिकित्सक से मिलकर वजन कम करने के सबसे अच्छे विकल्प का परामर्श लेना चाहिए साथ ही उपचार शुरू करने से पूर्व आपको यह भी जान लेना चाहिए कि आपको अपने जीवन शैली में क्या-क्या बदलाव लाना है।

कैलोट्रोपिस जाइगैन्टिया Q – इस दवा की 5-5 बूंदें आधा कप पानी में मिलाकर  प्रतिदिन तीन बार लेने से कुछ ही दिनों में मोटापा कम होने लगता हैं |

फाइटोलक्का बेरी Q, 3x – यह मोटापा घटाने की अत्यन्त प्रसिद्ध दवा है । इस दवा का नियमित सेवन करने से मोटापा कम होने लगता है । इसके साथ नैट्रम सल्फ 200 भी लेने से अधिक लाभ होता है ।

फ्युकस वेसिक्यूलॉसस Q –  यह दवा मोटापा घटाने की सर्वोत्तम औषधि है क्योंकि इसमें आयोडीन प्रचुर मात्रा में होता है । इसका सेवन लम्बे समय तक करना चाहिये ।

कल्केरिया कार्ब 200 – कि जिन व्यक्तियों की शारीरिक बनावट इस दवा के लक्षणों से मिलती-जुलती है उन्हें यह दवा देने से उनकी शारीरिक बनावट बदल जाती है और उनका मोटापा कम होने लगता है ।

ग्रेफाइटिस 200 – ऐसे व्यक्ति जिनका मोटापा बेढंगा है जैसे- पेट, कूल्हे आदि पर चर्वी एकत्र होकर बेडौल मोटापा बढ़ता हो तो व्यक्ति को यह दवा अवश्य देनी चाहिये । अगर रोगी गोरे रंग का है तो यह दवा अधिक लाभप्रद सिद्ध होगी ।

पीडोफाइलम 30 – यदि मोटापे के कारण केवल पेट बढ़ रहा हो तो यह दवा देनी चाहिये । साथ ही, नैट्रम सल्फ 12x देना भी उपयोगी है ।

एसकुलेन्टाइन Q – यह दवा निरापद रूप से अतिशीघ्र चर्वी को घटाकर शरीर को सुडौल बनाती है। यह कलेजे को मजबूत बनाती है और सर्वांगीण स्वास्थ्य को सुधारती है । मोटे व्यक्तियों के वातज रोगों और ददों को दूर करने की इसमें अमोघ शक्ति है ।

सोपिया 200 – यदि कोई स्पष्ट कारण न हो और स्त्रियों का पेट अनावश्यक रूप से बढ़ रहा हो तो इस दवा की एक मात्रा प्रति सप्ताह देने से पेट नहीं बढ़ता है और अपनी स्वाभाविक अवस्था में रहता है ।

क्रोकस सैटाइवा 30 – यदि प्रसव के बाद स्त्रियों का पेट लटक जाये या बड़ा हो जाये तो यह दवा प्रतिदिन तीन बार देने से कुछ ही दिनों में लाभ होता है ।

सल्फर 30 – बच्चों का पेट विना स्पष्ट कारण के बढ़ने पर उन्हें यह दवा देनी चाहिये ।

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नोट :- शुद्ध शाकाहार अपनाये और स्वस्थ शरीर पायें

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